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विस्मयादिबोधक अव्यय ( vismayadibodhak avyay in Hindi ) – परिभाषा, भेद,  प्रकार | interjection in hindi




विस्मयादिबोधक अव्यय की परिभाषा

जो शब्द हर्ष या खुशी ,  शोक (उदासी), घृणा (नफरत),  आश्चर्य (हैरानी) आदि शब्दों को प्रकट करें, उन्हें विस्मयादिबोधक अव्यय कहते है ।

विस्मयादिबोधक अव्यय के भेद

(i) शोकबोधक- हाय ! ओह! उफ! त्राहि त्राहि ।
(ii) घृणाबोधक - छिः! हट! धत! धिक!
(iii) हर्षबोधक - अहा! वाह!  वाह वाह! शाबाश! धन्य!
(iv) विस्मयबोधक - अरे! हैं! ऍ! ओ हो! अरे वाह!
(v) स्वीकृतिबोधक  - हाँ जी!  जी हाँ! अच्छा!  ठीक है ।
(vi) भयबोधक – ओह! ओह! बाप रे बाप! हाय!
(vii) संबोधनबोधक - हो ! अजी !ओ ! 
(viii) चेतावनीबोधक  - सावधान! होशीयार! खबरदार!

(i) शोकबोधक

जहाँ पर शोक का भाव प्रकट होता है,वहाँ शोकबोधक विस्मय शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जोकि  निम्न हैं-

जैसे – हाय! हा! उफ! हे राम!, ओह!, हे भगवान!, त्राहि-त्राहि! बाप रे! आदि

उदाहरण –

हाय! वो अब इस दुनिया में नही रहा ।

हे भगवान! ये कैसा न्याय है।


(ii) घृणाबोधक

जहाँ पर घृणा का भाव प्रकट होता है, वहाँ घृणाबोधक विस्मय शब्दों का प्रयोग किया जाता है,जोकि निम्न हैं-

जैसे – छिः छिः!, लानत!. धिक्कार ! आदि।

उदाहरण –

धिक्कार ! है तुम्हारे इस पैसों पर।

छिः छिः ! कितना गंदा है।


(iii) हर्षबोधक

जो शब्द हर्ष या खुशी का भाव प्रकट करनें के लिए प्रयोग  किये जाते है, उन्हें चेतावनी बोधक विस्मय शब्द कहा जाता है 

जैसे – शाबाश!, आह!, वाह! आदि।

उदाहरण –

शाबाश ! तुमने बहुत अच्छा खेला ।

वाह! मेरे भाई तुमने तो कमाल कर दिया।

(iv) विस्मयबोधक

जो शब्द विस्मय ( आश्चर्य ) का भाव प्रकट करनें के लिए प्रयोग  किये जाते है, उन्हें विस्मयबोधक  विस्मय शब्द कहा जाता है ।

जैसे –  हैं !, सच !, ऐं !, अरे !, क्या !  आदि।

उदाहरण –

क्या! नजारा है यार।

अरे! क्या बात है।


(v) स्वीकृतिबोधक

जहाँ पर स्वीकृति का भाव प्रकट होता है, वहाँ स्वीकृतिबोधक विस्मय शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जोकि निम्न हैं।

जैसे – हाँ !, जी हाँ !, बहुत अच्छा !. ठीक ! हाँ जी ! आदि।

उदाहरण –

ठीक! आप जैसा कह रहे हैं वैसा ही होगा।

जी हाँ ! हम आपका काम कर देगे।

(vi) भयबोधक

जहाँ पर भय (डरने)  का भाव प्रकट होता है, वहाँ भयबोधक विस्मय शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जोकि  निम्न हैं।

जैसे – बाप रे !, हाय !, आह !, बचाओ !, मरा रे ! आदि।

उदाहरण –

बचाओ ! मेरे प्राण संकट में है।

बाप रे! कितना बड़ा सांप है।

(vii) संबोधनबोधक

जहाँ पर संबोधन का भाव प्रकट होता है, वहाँ संबोधनबोधक विस्मय शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जोकि निम्न हैं।

जैसे – हे !, ओ ! अजी !, अरे !,  लो ! आदि।

उदाहरण –

लो ! ये क्या किया तुमनें?

ओ ! इधर आओ मोहन।

(viii) चेतावनीबोधक

जो शब्द चेतावनी का भाव प्रकट करनें के लिए प्रयोग किये जाते हैं , उन्हें चेतावनी बोधक विस्मय शब्द कहा जाता है 

जैसे – होशियार ! ,खबरदार ! ,सावधान !, बचो !

उदाहरण –

सावधान ! आगे बहुत घना जंगल है।

खबरदार ! आप कोरोना वायरस को हल्के में न ले।

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