संबंधबोधक अव्यय किसे कहते हैं? परिभाषा, भेद और उदाहरण sambandhbodhak avyay kise kahate hain ?

  

संबंधबोधक अव्यय ( Preposition ) की परिभाषा



संबंधबोधक अव्यय किसे कहते हैं ?

परिभाषा- वे अवयव शब्द , जिनसे संज्ञा अथवा सर्वनाम का सम्बन्ध वाक्य के दूसरे शब्दों से जाना जाता है, सम्बन्ध बोधक अवयव कहलाते हैं.

अथवा 

जो सम्बन्ध का बोध कराते हैं सम्बन्ध बोधक अवयव कहलाते हैं.

जैसे - अनुकूल, प्रतिकूल, आगे, पीछे आदि ।

उदाहरण –

  • रमेश कमरे के बाहर पुस्तके रख रहा था ।  
  • नदी के निकट एक पेड़ था ।              
  • पाठशाला के पास मेरा घर है ।

क्रियाविशेषण तथा संबंधबोधक में क्या अंतर हैं ? 

जिन अवयवों का प्रयोग संज्ञा अथवा सर्वनाम के साथ होता है, उन्हें सम्बन्धबोधक अव्यय कहते हैं।

जिन अवयवों का प्रयोग क्रिया की विशेषता बतालानें के लिए होता उन्हें  क्रिया विशेषण कहते हैं।

क्रियाविशेषणसंबंधबोधक
राम पीछे आया।            राम मेरे पीछे आया।
तुम लोग, बाहर जाओ।           मोहन घर के बाहर खड़ा था।

सम्बन्धबोधक अव्यय के प्रकार 

 संबंधबोधक अव्यय के भेद

संबंधबोधक अव्यय के कितने भेद हैं ? 

(1) प्रयोग के आधार पर संबंधबोधक अव्यय - 2 

प्रयोग के आधार पर संबंधबोधक अव्यय के कितने प्रकार होते हैं?

(i)  सम्बद्ध संबंधबोधक अव्यय
(ii) अनुबद्धसंबंधबोधक अव्यय

(2) व्युत्पत्ति के आधार पर संबंधबोधक अव्यय - 2 

(i)  मूल संबंधबोधक अव्यय
(ii)  यौगिक संबंधबोधक अव्यय

(3) अर्थ के आधार पर संबंधबोधक अव्यय  - 10 

  1. स्थानवाचक – आगे, सामने, ऊपर, तेज
  2. कालवाचक – पहले, बाद, पूर्व, उपरान्त
  3. दिशावाचक – ओर, तरफ
  4. साधनवाचक – द्वारा, सहारे, बल
  5. विरोधसूचक – प्रतिकूल, उल्टे, विरुद्ध
  6. समतासूचक – अनुसार, तरह, तुल्य, समान, सदृश
  7. हेतुवाचक – रहित, अतिरिक्त, सिवा, अथवा
  8. तुलनावाचक- सदृश, तुल्य, बराबर, अपेक्षा
  9. उद्देश्यवाचक- के लिए,के निमित्त,के हेतु, की खातिर
  10. कारणवाचक – के कारण,के मारे,के लिए

1. कालवाचक - पहले, बाद, पूर्व, उपरान्त

जिन अव्ययों से काल या समय का बोध होता है, कालवाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।

जैसे – पहले, बाद में, 
पूर्व, पश्चात, आगे, उपरांत आदि।

उदाहरण – मोहन , श्याम से पहले आया था।


2. स्थानवाचक – आगे, सामने, ऊपर, तेज

जिन अव्ययों से स्थान का बोध होता हो ,स्थानवाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।

जैसे –  ऊपर, नीचे, बाहर, भीतर, निकट, पास, दूर आदि।

उदाहरण – उसके घर के पीछे बाग है।


3. साधनवाचक – द्वारा, सहारे, बल

जिन अव्ययों से किसी प्रकार का साधन का बोध होता है, साधनवाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।

जैसे –  द्वारा, के द्वारा, कारण,  खातिर, बलबूते,  जरिए, सहारे, मारे, हेतु, निमित्त, के हाथ आदि।

उदाहरण – उसने कुत्ते को डंडे के द्वारा भगाया ।


4. दिशावाचक – ओर, तरफ

जिन अव्यय शब्दों से दिशा का बोध होता हैवे शब्द दिशावाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।
जैसे –  सामने, पीछे, ओर,
 आर-पार, आस-पास तरफ, प्रति आदि।

उदाहरण – रमेश उस दुकान की तरफ देख रहा है ।


5. समताबोधक– अनुसार, तरह, तुल्य, समान, सदृश

जिन अव्ययों से समता या समानता का बोध होता हो , वे समतावाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।

जैसे - समान, तरह, भाँति, बराबर,  योग्य, तुल्य, ऐसा, जैसा,  सरीखा, सा, अनुरूप आदि।

उदाहरण - केशव के सामान तुम भी विद्वान हो।


6. विरोधवाचक– प्रतिकूल, उल्टे, विरुद्ध

जिन अव्ययों से विरोध के भाव का बोध होता है वे विरोधवाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।

जैसे -  विपरीत, उलटा, विरुद्ध, प्रतिकूल,  खिलाफ आदि।

उदाहरण - हवा हमारे प्रतिकूल थी।


7. हेतुवाचक – रहित, अतिरिक्त, सिवा, अथवा

जिन अव्यय शब्दों से व्यतिरेक के भाव का बोध होता है वे शब्द हेतुवाचक या व्यतिरेकवाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।

जैसे - अलावा, अतिरिक्त, बगैर, बदले, अपेक्षा, सामने,  बिना, जगह, आगे, सिवा, रहित आदि।

उदाहरण - मैं तुम्हारे सिवा किसी के साथ नहीं जाऊँगा।


8. तुलनावाचक- सदृश, तुल्य, बराबर, अपेक्षा

जिन अव्ययों से  किसी प्रकार की तुलना का बोध होता है, तुलनावाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहलाते हैं।

जैसे - सदृश, अपेक्षा ,तुल्य, बराबर आदि।

उदाहरण - डीजल की अपेक्षा पेट्रोल महंगा है।


9. उद्देश्यवाचक- की खातिर, के लिए, के निमित्त, के हेतु

जिन अव्ययों से किसी प्रकार का उद्देश्य का बोध होता है, उन्हें उद्देश्यवाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहते हैं।
जैसे – के लिए,,की खातिर, 
के निमित्त,के हेतु ।

उदाहरण – उसने तुम्हारे खातिर ही उसकी सहायता की थी .


10. कारणवाचक – के कारण,के मारे,के लिए

जिन अव्ययों से किसी प्रकार के कारण का बोध होता है, उन्हें कारणवाचक सम्बंधबोधक अव्यय कहते हैं।

जैसे – के कारण,के मारे,के लिए ।

उदाहरण – वह तुम्हारे कारण यहाँ से चला गया ।

संबंधबोधक अव्यय महत्वपूर्ण प्रश्न - 

1. संबंधबोधक शब्द कौन सा है?

वे शब्द जो संज्ञा/सर्वनाम को अन्य संज्ञा/सर्वनाम के साथ संबंध का बोध कराते है, उन्हें संबंधबोधक अव्यय कहते है। ये संज्ञा या सर्वनाम के बाद प्रयुक्त होते है। इसके साथ किसी परसर्ग या प्रत्यय का भी प्रयोग होता है।

2. रूप और रचना के आधार पर संबंधबोधक अव्यय कितने प्रकार के होते हैं ?

- निम्न प्रकार के 

  • 1. कालवाचक
  • 2. स्थानवाचक
  • 3. साधनवाचक
  • 4. दिशावाचक
  •  5. समताबोधक
  • 6. विरोधवाचक
  • 7. हेतुवाचक या व्यतिरेकवाचक
  • 8. तुलनावाचक
  • 9. उद्देश्यवाचक
  • 10. कारणवाचक

3. कौन से स्वतंत्र शब्द होते हैं?
संबंध बोधक अव्यय, क्रियाविशेषण अव्यय, समुच्चयबोधक अव्यय या विस्मयादिबोधक अव्यय ?
विस्मयादिबोधक शब्द वाक्य के शुरू में आते हैं तथा इनके आगे विस्मयादिबोधक चिह्न '! ' लगाया जाता है, ये शब्द स्वतंत्र रूप से प्रयोग किये जाते हैं.
 जैसे – वाह ! वाह !, शाबाश!, बहुत खूब! आदि . 
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